Monday, 12 September 2016

आकाशी बातें...... बस अपने मन की !: देवता

आकाशी बातें...... बस अपने मन की !: देवता: ओ मेरे देवता ! बड़ा नाज़ था कि तुम मेरी ज़िन्दगी में आये | नहीं, स्वतः नहीं आये; पाया था तुम्हें मैंने, वर्षों की तपस्या से | ...

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